सतभक्ति से अद्भुत लाभ

पूर्ण परमात्मा कविर्देव जी ने 84 लाख योनियों में एक अनमोल कर्ती का विकास किया जिसका नाम इंसान (आदमी - औरत) है 
परमात्मा ने मनुष्य जीवन केवल सत भक्ति करने के लिए दिया है। सोचने समझने की शक्ति दी है, परन्तु हमनें उस दयालु परमात्मा को भुल कर इस काल की भूल भुलइयाँ में फंस गये हैं। काल भगवान ने हमें बहुत सताया है। इस कंचन जैसी सुंदर काया में अनेक रोग भर दिये हैं जिसका मुल कारण हमनें अपने पिता को भुला दिया है। हमनें काल के जाल में फंस कर अपनी वर्ती को जानवरों से भी बदतर बना दिया है हमनें अपने जीभ के स्वाद के चक्कर में अच्छे-बुरे का भी ध्यान नहीं दिया और इस कंचन जैसी सुंदर काया को नरक में डाल दिया। 
आज इस धरती पर स्वर्ग बनाने के लिए व समस्त आत्माओं को अपने निज घर सतलोक ले जाने के लिए संत रामपाल जी महाराज जी के रूप में पुर्ण परमात्मा आए हुए हैं, अतः मानव जाति से निवेदन है कि आप सभी सत्संग सुनकर व सत ज्ञान समझकर मालिक से नाम दीक्षा ग्रहण अपना अनमोल जीवन सफ़ल बनाये ।सतभक्ति पूर्ण सन्त से लेकर भक्ति करने से ही जीव का मोक्ष सम्भव है ।सतभक्ति करने से सभी कष्ट और दुख दूर होते हैं चाहे कैंसर भी हो 

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