आज भारत की सभ्यता और संस्कृति पर पश्चिमी सभ्यता का ग्रहण लग रहा है हमने परमात्मा के संविधान का उल्लंघन किया है उनके बताये हुए नियमों को तोडा है, फिर हम सुखी कैसे हो सकते है परमात्मा कबीर साहेब जी (संत रामपाल जी महाराज) के रूप में सतभक्ति का मार्ग और मानव जीवन का मोक्ष मार्ग बतानेे के लिए आज धरती पर आए हुए हैं, वे समाज सुधार के साथ ही मानव जीवन के मोक्ष का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। विश्व के सभी पुण्यात्माओं से निवेदन है कि आप सभी एक बार अवश्य संत रामपाल जी महाराज का सत्संग सुने व सभी सदग्रंथों से प्रमाणित साहित्य को पढकर नाम दीक्षा ग्रहण कर अपना जीवन सफल बनाएं।
मनुष्य जीवन परमात्मा का अनमोल उपहार है, हमें मनुष्य को सफल बनाने के लिए मोक्ष मार्ग पर चलने का प्रयत्न करना चाहिए। जिसके लिए हमें तत्व ज्ञान की जरूरत पड़ती है। गीता अध्याय 17 श्लोक 23 में वर्णन है कि हम पुर्ण परमात्मा की भक्ति करके सतलोक जा सकते हैं। हमे तत्वदर्शी संत की खोज करके सत भक्ति करने से आत्माा का मोक्ष संभव है। आज तत्वदर्शी संत के रुप में धरती पर पुर्ण परमात्मा कबीर साहिब संत रामपाल जी महाराज जी के रूप में धरती पर आए हुए हैं, उनसे शास्त्र अनुकूल साधना पाकर आत्माओं का मोक्ष सम्भव है।
पूर्ण परमात्मा कविर्देव जी ने 84 लाख योनियों में एक अनमोल कर्ती का विकास किया जिसका नाम इंसान (आदमी - औरत) है परमात्मा ने मनुष्य जीवन केवल सत भक्ति करने के लिए दिया है। सोचने समझने की शक्ति दी है, परन्तु हमनें उस दयालु परमात्मा को भुल कर इस काल की भूल भुलइयाँ में फंस गये हैं। काल भगवान ने हमें बहुत सताया है। इस कंचन जैसी सुंदर काया में अनेक रोग भर दिये हैं जिसका मुल कारण हमनें अपने पिता को भुला दिया है। हमनें काल के जाल में फंस कर अपनी वर्ती को जानवरों से भी बदतर बना दिया है हमनें अपने जीभ के स्वाद के चक्कर में अच्छे-बुरे का भी ध्यान नहीं दिया और इस कंचन जैसी सुंदर काया को नरक में डाल दिया। आज इस धरती पर स्वर्ग बनाने के लिए व समस्त आत्माओं को अपने निज घर सतलोक ले जाने के लिए संत रामपाल जी महाराज जी के रूप में पुर्ण परमात्मा आए हुए हैं, अतः मानव जाति से निवेदन है कि आप सभी सत्संग सुनकर व सत ज्ञान समझकर मालिक से नाम दीक्षा ग्रहण अपना अनमोल जीवन सफ़ल बनाये ।सतभक्ति पूर्ण सन्त से लेकर भक्ति करने से ही जीव का मोक्ष सम्भव है ।सतभक्ति करने से सभी कष्ट और दुख...